राजगढ़, 9 जुलाई।
राजगढ़ जिले की ब्यावरा तहसील न्यायालय ने 14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश रजनी प्रकाश बाथम की अदालत ने आरोपी अल्फेज पुत्र अफजल खान निवासी नट मोहल्ला, सुठालिया को विभिन्न धाराओं के तहत दंडित किया।
न्यायालय ने आरोपी को बीएनएस धारा 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल)/6 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा बीएनएस धारा 332(बी) के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक धारा में 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
मामले के अनुसार 4 अगस्त 2025 को नाबालिग के परिजनों ने सुठालिया थाने में बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में बालिका को बरामद किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि आरोपी उसके भाई का परिचित था और पहले उससे फोन पर बातचीत करता था।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने एक दिन घर पर अकेला पाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद शादी का झांसा दिया और माता-पिता को जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण उसने घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। बाद में आरोपी उसे शादी का भरोसा देकर अपने साथ नरसिंहगढ़ ले गया।
पुलिस ने जांच के दौरान मेडिकल परीक्षण, डीएनए जांच, घटनास्थल निरीक्षण और आयु संबंधी दस्तावेजों सहित अन्य साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ देने की मांग की। हालांकि अदालत ने कहा कि पीड़िता के पुलिस के समक्ष दिए गए वीडियो रिकॉर्ड बयान और न्यायालय में दिए गए बयान में समानता है। अदालत ने इसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना और कहा कि केवल डीएनए रिपोर्ट के आधार पर अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर नहीं होता।
न्यायालय ने स्कूल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पीड़िता को घटना के समय नाबालिग माना। साथ ही आरोपी के झूठा फंसाए जाने के तर्क को भी साक्ष्यों के अभाव में खारिज कर दिया।
मामले में विशेष लोक अभियोजक डॉली गुप्ता ने पैरवी की। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत तर्कों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।















