जबलपुर, 9 जुलाई।
जबलपुर के भेड़ाघाट थाना क्षेत्र में एक मार्बल गोदाम में घुसे बेहद जहरीले रसल वाइपर सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। करीब चार फीट लंबा यह सांप सुरक्षा कर्मी के घर की देहरी पर लगभग 13 घंटे तक बैठा रहा, जिससे परिवार के लोग घर के अंदर रहने को मजबूर हो गए।
जानकारी के अनुसार दलपतपुर स्थित लम्हेटा घाट रोड के एक मार्बल गोदाम में तैनात सुरक्षा कर्मी गोलू सिंह राजपूत गुरुवार सुबह घर से बाहर निकल रहे थे। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, देहरी पर बैठे रसल वाइपर ने फुफकारते हुए आक्रामक प्रतिक्रिया दी।
खतरा देखते हुए सुरक्षा कर्मी ने तुरंत दरवाजा बंद कर लिया। कुछ समय बाद सांप वहां से हटता नजर आया, लेकिन वह दोबारा उसी स्थान पर लौट आया और शिकार की मुद्रा में बैठ गया। इसके बाद परिवार ने सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे सर्प विशेषज्ञ ने देखा कि सांप एक बड़े चूहे को निगल रहा था। उन्होंने सावधानीपूर्वक उसका रेस्क्यू किया और बाद में उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे ने बताया कि रसल वाइपर का विष बेहद खतरनाक होता है। इसके जहर में हीमोटॉक्सिन पाया जाता है, जो रक्त कोशिकाओं, मांसपेशियों और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। समय पर इलाज और एंटी-स्नेक वेनम नहीं मिलने पर पीड़ित की जान को खतरा हो सकता है।
उन्होंने बताया कि मध्यभारत में रसल वाइपर को पर्रान या दबोईया के नाम से जाना जाता है, जबकि महाराष्ट्र में इसे घोणस कहा जाता है। यह देश के चार सबसे विषैले सांपों में शामिल है।
सर्प विशेषज्ञ ने लोगों से अपील की है कि जहरीला सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें, ताकि सांप और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।















