भोपाल, 09 जुलाई।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनकॉर्ड (NCORD) समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशीली दवाओं की रोकथाम, अवैध तस्करी पर नियंत्रण, जनजागरूकता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने निर्देश दिए कि 15 जुलाई से पुलिस के ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत सामाजिक न्याय विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, नशा मुक्ति केंद्रों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्टेट मास्टर ट्रेनरों के सहयोग से स्कूलों एवं कॉलेजों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसके लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में सभी शासकीय महाविद्यालयों में एंटी ड्रग कमेटियों के गठन, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तथा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर को नियमों का उल्लंघन करने वाले संदिग्ध मेडिकल स्टोर्स का डेटाबेस तैयार करने और जिले के नशा मुक्ति केंद्रों के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर विकसित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नारकोटिक ड्रग्स एवं साइकोट्रॉपिक पदार्थों की अवैध तस्करी रोकने, विभागों के बीच नियमित सूचना आदान-प्रदान, अंतरजिला एवं अंतरराज्यीय मामलों में संयुक्त जांच, मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच और संदिग्ध विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा संबंधित विभागों के अधिकारियों के प्रशिक्षण तथा सभी सरकारी और निजी नशा मुक्ति केंद्रों की सूची अद्यतन रखने एवं नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस के आईएएस उत्सव पाराशर, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के एसपी कौशिक मन्ना, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) पंकज कुमार पांडे, एडीसीपी क्राइम शैलेंद्र सिंह चौहान, एडीएम महेंद्र सिंह कवचे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि नशीली दवाओं की रोकथाम केवल कानून लागू करने का विषय नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सामूहिक सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है। सभी विभागों को समन्वित प्रयासों से कार्य कर भोपाल को नशामुक्त जिला बनाने के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।















