देहरादून, 09 जुलाई।
उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता बढ़ने से जनजीवन पर असर पड़ा है। मौसम विभाग ने नौ और 10 जुलाई के लिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भारी वर्षा के साथ आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है। इस गंभीरता को भांपते हुए शासन ने सभी जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रखा है और एहतियात के तौर पर कई जिलों में स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।
बीती रात से जारी मूसलाधार बारिश से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चम्पावत में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट है। हरिद्वार और पौड़ी के कुछ हिस्सों के लिए तो रेड अलर्ट जारी कर अगले कुछ घंटों तक विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
एसईओसी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रखा जाए और संवेदनशील रास्तों की निगरानी बढ़ाई जाए। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए पर कद्दूखाल में भू-स्खलन से एक पुराने भवन को नुकसान पहुंचा है, जिसे पहले ही प्रशासन द्वारा खाली करा लिया गया था।
इसके साथ ही, एसजेवीएन की नाथपा झाकड़ी और नेटवाड़ मोरी जलविद्युत परियोजनाओं के प्रबंधन ने बैराज और डी-सिल्टिंग टैंक की फ्लशिंग प्रक्रिया के तहत आज सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक पानी छोड़े जाने की सूचना दी है। इससे नदियों का जलस्तर बढ़ने की प्रबल संभावना है, जिसके चलते तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को आगाह किया गया है। आपदा प्रबंधन सचिव ने लोगों से अपील की है कि वे बरसाती नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाकर रखें। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए हरिद्वार, देहरादून, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में कक्षा एक से 12 तक के विद्यालय बंद कर दिए गए हैं।















