कोंडागांव, 9 जुलाई।
कोंडागांव जिले में मल्टीपल बैंक लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। फरसगांव और केशकाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह ने शिक्षकों और अन्य लोगों को निशाना बनाकर अलग-अलग मामलों में 14 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए विशेष टीम ने करीब तीन महीने तक बैंक खातों, लेन-देन, दस्तावेजों और मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की। इसके बाद आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में शिवशंकर दास और दिलीप कुमार सोनी निवासी अंबिकापुर, वीरेंद्र तिर्की निवासी कोंडागांव-जशपुर, श्यामसुंदर जांगड़े निवासी सारंगढ़ और अंशुमान सिंह निवासी बिलासपुर-अंबिकापुर शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार फरसगांव और केशकाल थानों में दर्ज चार मामलों में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, बैंक एजेंटों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को एक साथ कई बैंकों से पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद लोन की 40 प्रतिशत राशि पीड़ितों को देकर बाकी 60 प्रतिशत राशि अपने और साथियों के खातों में ट्रांसफर करा लेते थे। आरोपी पीड़ितों को भरोसा दिलाते थे कि दो से तीन साल में पूरी ईएमआई का भुगतान कर देंगे, लेकिन बाद में फरार हो जाते थे।
पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह कई वर्षों से योजनाबद्ध तरीके से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सक्रिय था। खासतौर पर फरसगांव, केशकाल, बड़े डोंगर, धनोरा और विश्रामपुरी क्षेत्र के शिक्षकों को निशाना बनाया गया। आरोपियों ने एसबीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई, यस बैंक, आईडीएफसी, आईडीबीआई, चोलामंडलम और ग्रामीण बैंकों सहित कई वित्तीय संस्थानों से एक साथ कई लोन स्वीकृत करवाए।
जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोन मंजूर कराया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, डायरी, रजिस्टर, लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर सहित कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।















