वाशिंगटन, 9 जुलाई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह यूक्रेन को पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल के निर्माण का लाइसेंस देने की संभावना पर विचार कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका फिलहाल यूक्रेन को अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइलें सीधे उपलब्ध कराने की योजना नहीं बना रहा है।
रूस के सरकारी टेलीविजन नेटवर्क के अनुसार, तुर्किये में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात में ट्रंप ने कहा कि यदि लाइसेंस दिया जाता है तो यूक्रेन स्वयं पैट्रियट मिसाइलों का उत्पादन कर सकेगा। उनके अनुसार, इससे यूक्रेन की रक्षा क्षमता को मजबूती मिलेगी।
ट्रंप ने कहा कि पैट्रियट एक रक्षा प्रणाली है और उनकी प्राथमिकता आक्रामक हथियारों के बजाय रक्षात्मक हथियारों पर है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर की संख्या सीमित है और उसे अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं का भी ध्यान रखना होगा।
रूस के साथ जारी संघर्ष के अधिकांश समय में यूक्रेन पश्चिमी देशों से मिलने वाले हथियारों पर निर्भर रहा है और अब यह युद्ध अपने पांचवें वर्ष में पहुंच चुका है। ज़ेलेंस्की कई बार हथियारों की कमी और आपूर्ति में देरी का मुद्दा उठाते हुए पैट्रियट मिसाइलों सहित अतिरिक्त सैन्य सहायता की मांग कर चुके हैं। उनका कहना है कि रूस के हवाई हमलों का मुकाबला करने के लिए यूक्रेन के पास पर्याप्त इंटरसेप्टर उपलब्ध नहीं हैं।
यूक्रेन का समर्थन जारी रखने के बावजूद ट्रंप कई अवसरों पर ज़ेलेंस्की की आलोचना भी कर चुके हैं। उन्होंने उन्हें "अहसान न मानने वाला" बताया था। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि यूक्रेन को रूस के साथ समझौते के तहत अपनी कुछ जमीन छोड़नी पड़ सकती है। ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन की बिना शर्त सैन्य सहायता की नीति की भी आलोचना करते हुए कहा कि यूरोपीय नाटो सदस्य 'प्रायोरिटाइज्ड यूक्रेन रिक्वायरमेंट्स लिस्ट' (पीयूआरएल) योजना के तहत यूक्रेन को भेजे जाने वाले अमेरिकी हथियारों का भुगतान करेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ संघर्ष के दौरान अमेरिका के इंटरसेप्टर मिसाइल भंडार में उल्लेखनीय कमी आई थी। एक अनुमान के मुताबिक, अप्रैल तक पेंटागन अपनी उपलब्ध पैट्रियट मिसाइलों में से लगभग आधी का उपयोग कर चुका था।
एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि यूक्रेन को इन अत्याधुनिक मिसाइलों के निर्माण के लिए आवश्यक पुर्जे जुटाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि मौजूदा आपूर्ति श्रृंखला पहले से दबाव में है। एक पैट्रियट मिसाइल तैयार होने में कई वर्ष लगते हैं, इसलिए यूक्रेन में इसका उत्पादन तत्काल सैन्य जरूरतों को पूरा नहीं कर सकेगा।
इस बीच, रूस ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी देशों की लगातार सैन्य सहायता के कारण नाटो सदस्य इस संघर्ष में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होते जा रहे हैं, जिससे व्यापक युद्ध का खतरा बढ़ सकता है।
मार्च में रूस के रक्षा मंत्रालय ने उन कंपनियों के पते सार्वजनिक किए थे, जो यूरोप में यूक्रेन के लिए ड्रोन के पुर्जे बना रही थीं। मंत्रालय का आरोप था कि यूरोपीय नेतृत्व अपने देशों को रूस के साथ सीधे टकराव की ओर ले जा रहा है।
रूस ने यह भी संकेत दिया है कि यदि यूक्रेन में पैट्रियट मिसाइल की असेंबली लाइनें स्थापित होती हैं तो वे संभावित सैन्य लक्ष्य बन सकती हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को यूक्रेन के कई सैन्य ठिकानों पर हमलों का दावा करते हुए कहा कि इनमें एक फैक्ट्री भी शामिल थी, जहां एफपी-5 फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइलों के पुर्जे तैयार किए जा रहे थे।















