राजनीति
16 Jul, 2026

'वन नेशन, वन टाइम' के लिए इसरो और सीएसआईआर-एनपीएल का समन्वय जरूरी : प्रह्लाद जोशी

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि 'वन नेशन, वन टाइम' पहल को सफल बनाने के लिए इसरो, सीएसआईआर-एनपीएल और उपभोक्ता मामलों के विभाग के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है।

बेंगलुरु, 16 जुलाई।

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'वन नेशन, वन टाइम' पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए इसरो, सीएसआईआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनपीएल) और उपभोक्ता मामले विभाग के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह पहल देश में सटीक, सुरक्षित, स्थिर और पूरी तरह स्वदेशी समय प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

बेंगलुरु स्थित इसरो केंद्र के दौरे के बाद पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसरो भारत की वैज्ञानिक क्षमता, तकनीकी उत्कृष्टता और नवाचार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी समय प्रसारण प्रणाली विकसित करने की दिशा में इसरो के प्रयास देश को तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर और मजबूत करेंगे तथा यह वैज्ञानिक समुदाय के लिए भी गर्व का विषय है।

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसरो लगातार अत्याधुनिक तकनीकों का विकास कर रहा है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक प्रौद्योगिकी की भूमिका अत्यंत अहम है तथा इसरो इस दिशा में अग्रणी संस्थान के रूप में कार्य कर रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रिसिजन टाइम प्रोटोकॉल (पीटीपी) तकनीक के माध्यम से बेंगलुरु स्थित रीजनल रेफरेंस स्टैंडर्ड लेबोरेटरी (आरआरएसएल) और चेन्नई स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बीच सफल प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट (पीओसी) का प्रदर्शन राष्ट्रीय समय समन्वय प्रणाली के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे भविष्य में स्वदेशी, विश्वसनीय और अत्यंत सटीक राष्ट्रीय समय प्रणाली विकसित करने का मार्ग और मजबूत होगा।

उन्होंने कहा कि 'वन नेशन, वन टाइम' व्यवस्था लागू होने के बाद बैंकिंग, दूरसंचार, बिजली, रक्षा, परिवहन, शेयर बाजार सहित अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक समान और अत्यंत सटीक समय प्रणाली उपलब्ध होगी। इससे डिजिटल बुनियादी ढांचे की विश्वसनीयता बढ़ेगी, साइबर सुरक्षा मजबूत होगी, विभिन्न संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी नई मजबूती मिलेगी।

मंत्री ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने में योगदान देने वाले उपभोक्ता मामले विभाग, सीएसआईआर-एनपीएल और इसरो के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों तथा तकनीकी विशेषज्ञों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों के समर्पण और निरंतर प्रयासों से भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है।

इसरो दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ विस्तृत चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों ने विश्व स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को मजबूत किया है। इसरो के वैज्ञानिकों का समर्पण, अनुशासन और नवाचार युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

प्रह्लाद जोशी ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में इसरो नई तकनीकों और अंतरिक्ष अभियानों के माध्यम से देश को नई उपलब्धियां दिलाएगा। उन्होंने कहा कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम केवल राष्ट्रीय विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में इसकी भूमिका निर्णायक रहेगी।

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