नई दिल्ली, 16 जुलाई।
आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी विप्रो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 4.7 प्रतिशत घटकर 3,352 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, सालाना आधार पर लाभ लगभग स्थिर बना रहा।
कंपनी की कुल आय तिमाही आधार पर एक प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10.6 प्रतिशत बढ़कर 24,480 करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं, पहली तिमाही में आईटी सर्विसेज का ऑपरेटिंग मार्जिन 16 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 1.3 प्रतिशत और सालाना आधार पर 1.2 प्रतिशत कम रहा।
इस अवधि में कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो 3.6 प्रतिशत बढ़कर 3,290 करोड़ रुपये हो गया, जो शुद्ध आय का 98 प्रतिशत है। कर्मचारियों की स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की दर 12 माह के आधार पर 13.9 प्रतिशत दर्ज की गई।
दूसरी तिमाही के लिए कंपनी ने सतर्क अनुमान जारी किया है। विप्रो के अनुसार, आईटी सर्विसेज कारोबार से होने वाली आय 1.5 प्रतिशत तक घट सकती है या अधिकतम 0.5 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक श्रीनी पलिया ने कहा कि ग्राहक अब केवल तकनीक के आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एआई आधारित ऑपरेटिंग मॉडल अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि विप्रो का एआई आधारित कंसल्टिंग मॉडल ग्राहकों के डिजिटल बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रति शेयर दो रुपये के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है। गुरुवार को बीएसई पर विप्रो का शेयर 1.83 प्रतिशत बढ़कर 177.80 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले छह महीनों में इसमें 33.56 प्रतिशत, एक वर्ष में 32.38 प्रतिशत और पांच वर्षों में 38.49 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।














