हेलसिंकी, 16 जुलाई।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ फ़िनलैंड की आधिकारिक यात्रा का आगाज किया। प्रतिनिधिमंडल में उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और फ़िनलैंड के बीच व्यापार, निवेश तथा औद्योगिक साझेदारी को और सशक्त बनाना है। दौरे के पहले दिन दो महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर हुए और कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर व्यापक चर्चा की गई।
यह यात्रा मार्च 2026 में फ़िनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की भारत यात्रा के दौरान डिजिटलकरण और स्थिरता के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का अगला चरण मानी जा रही है। इसके साथ ही इसे भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति देने की दिशा में अहम पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।
दौरे के पहले दिन पीयूष गोयल ने फ़िनलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्री डॉ. सकारी पुइस्तो के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक में वित्तीय बाजार, नवाचार, उद्यमों के वित्तपोषण, व्यापार और निवेश सहयोग को मजबूत बनाने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
हेलसिंकी के हाउस ऑफ़ द एस्टेट्स में आयोजित इंडिया-फ़िनलैंड बिज़नेस फ़ोरम को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने दोनों देशों के उद्योगों के बीच बढ़ते सहयोग पर जोर दिया। इस अवसर पर डॉ. सकारी पुइस्तो के अलावा भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) व्यापार नीति परिषद के चेयरमैन नारायण सेतुरामन और बिज़नेस फ़िनलैंड के महानिदेशक लासी नोपोनेन ने भी अपने विचार रखे।
बिज़नेस फ़ोरम के दौरान भारतीय उद्योग परिसंघ और बिज़नेस फ़िनलैंड के बीच तथा सीआईआई और फ़िनिश उद्योग परिसंघ के बीच दो एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य उद्योग जगत के बीच संस्थागत सहयोग को मजबूत करना और व्यापारिक सहभागिता को अधिक प्रभावी बनाना है।
बैठक के दौरान भारतीय और फ़िनिश कंपनियों ने डिजिटल एवं उन्नत प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा, जैव-अर्थव्यवस्था, सर्कुलर अर्थव्यवस्था, अवसंरचना तथा उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश, तकनीकी सहयोग और साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की।
अपने संबोधन में पीयूष गोयल ने वर्ष 2030 तक भारत और फ़िनलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बाद व्यापार, निवेश, विनिर्माण और नवाचार आधारित साझेदारी के लिए नए अवसर उपलब्ध हुए हैं।
दौरे के पहले दिन का समापन हेलसिंकी स्थित भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित नेटवर्किंग स्वागत समारोह के साथ हुआ। इसमें दोनों देशों के उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं और अन्य हितधारकों ने भाग लेकर भविष्य में सहयोग के नए आयामों पर विचार साझा किए। पहले दिन की गतिविधियों ने भारत-फ़िनलैंड के आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने तथा दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।














