नई दिल्ली, 23 जुलाई।
पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंग्मो ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को लेकर चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि एक शिक्षक होने के नाते मीडिया में अपने छात्रों की छवि खराब होते देखना बेहद दुखद है। उनके अनुसार जंतर-मंतर पर मौजूद छात्र शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी चिंताओं को सुनने की जरूरत थी, न कि उन्हें दोषी ठहराने की।
गीतांजलि जे आंग्मो ने कहा कि बच्चे सुरक्षा के हकदार हैं, उन्हें खलनायक के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि दिल्ली के किसी अन्य हिस्से से हिंसा की खबरें सामने आएं तो बिना किसी सबूत के उन्हें इस आंदोलन से न जोड़ा जाए। उनका कहना था कि जो लोग इन युवाओं को जानते हैं, उन्होंने उनका धैर्य, अनुशासन और संयम करीब से देखा है।
उल्लेखनीय है कि छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रही सीजेपी के 'संसद चलो' मार्च के आह्वान के बाद 20 जुलाई को हजारों छात्र एकत्र हुए थे। प्रदर्शन के दौरान वे शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं और पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
इसी दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।











