चंडीगढ़, 23 जुलाई।
सीबीआई ने चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और चंडीगढ़ नगर निगम के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खातों से सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के मामले में चंडीगढ़ और लुधियाना में कई स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान जांच टीमों ने पांच जगहों पर तलाशी ली।
तलाशी अभियान में नगर निगम और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के फंड से कथित धोखाधड़ी के लाभार्थियों के ठिकानों, सीएससीएल के सरकारी कर्मचारी अनुभव मिश्रा तथा जांच से जुड़ी निजी कंपनियों के परिसरों की भी जांच की गई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की गई।
बरामद सामग्री में स्टोरेज ड्राइव, डिजिटल सिग्नेचर, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और जांच से संबंधित अन्य डिजिटल साक्ष्य शामिल हैं। जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का परीक्षण और विश्लेषण किया जा रहा है।
राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने यह जांच हरियाणा के स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी। आरोप है कि हरियाणा सरकार के आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों के करीब 657 करोड़ रुपये सरकारी फंड को फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट और धोखाधड़ी वाले डेबिट लेनदेन के माध्यम से निकालकर बाद में शेल कंपनियों के जरिए स्थानांतरित किया गया।
अब तक सीबीआई हरियाणा से जुड़े मामले में 17 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन कर्मचारी, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं।
जांच एजेंसी ने केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य मामले भी अपने हाथ में लिए हैं। इनमें एक मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम से संबंधित है, जबकि दूसरा चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी से जुड़ा है। दोनों मामलों में पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
सीएससीएल मामले में पांच बैंक अधिकारियों, एक आईएफएस अधिकारी और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। वहीं, क्रेस्ट मामले में पांच बैंक अधिकारियों, दो क्रेस्ट अधिकारियों, चार निजी व्यक्तियों और दो कंपनियों के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।











