नई दिल्ली, 23 जुलाई।
जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) को लेकर प्रसारित खबरों पर दिल्ली पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस ने कहा कि इस संबंध में सामने आई कई रिपोर्टों से भ्रम की स्थिति बनी है।
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि पुलिस आयुक्त को एनएसए के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जो शक्तियां प्राप्त हैं, उनका सीजेपी के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। पुलिस के अनुसार यह आदेश नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और हर तीन महीने में इसका नवीनीकरण किया जाता है।
पुलिस का कहना है कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त को एनएसए के तहत गिरफ्तारी और निरोध की शक्तियां दी गई हैं। पुलिस ने इन दावों को भ्रामक बताते हुए कहा कि मौजूदा आदेश का प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है।
पुलिस के अनुसार एनएसए के तहत शक्तियों के नवीनीकरण का आदेश 7 जुलाई 2026 को जारी किया गया था। यह आदेश 19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। आदेश सीजेपी का प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही जारी किया जा चुका था और यह पूर्व निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लागू हुआ है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए किसी विशेष प्रस्ताव या अलग अनुरोध के आधार पर यह आदेश जारी नहीं किया गया। नियमित रूप से होने वाले नवीनीकरण को कुछ रिपोर्टों में सीजेपी के प्रदर्शन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे ऐसी भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें और किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल आधिकारिक स्रोतों से ही करें। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाएं कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में भ्रम पैदा कर सकती हैं, इसलिए केवल तथ्यात्मक जानकारी पर भरोसा किया जाना चाहिए।











