नई दिल्ली, 23 जुलाई।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने नीट पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार सत्ता पक्ष के सांसद संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं और यह सरकार संसद नहीं चला पा रही है।
संसद भवन परिसर में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठा रहे युवाओं पर अत्याचार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हर उपलब्धि का श्रेय लेते हैं, चाहे वह मंगल ग्रह से जुड़ी उपलब्धि हो या ओलंपिक में पदक जीतने की, लेकिन पेपर लीक की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करते। उनके अनुसार पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, फिर भी एक भी दोषी को सजा नहीं मिली और इसकी जिम्मेदारी भी सरकार की है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री एक ओर बच्चों की चिंता जताते हुए संदेश जारी करते हैं, दूसरी ओर रात में उन्हीं छात्रों पर आंसू गैस छोड़ी जाती है और उनके साथ बल प्रयोग किया जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री हर उपलब्धि का श्रेय लेते हैं तो उन्हें इस मामले की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। उनका कहना था कि हजारों छात्र सड़कों पर हैं, इंटरनेट सेवाएं बंद हैं और उन पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी छात्र के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की होगी।











