नई दिल्ली, 23 जुलाई।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय, किसी भी स्थान पर की जा सकती है। साथ ही बताया कि अब तक सरकार की ओर से चार बार बातचीत की पहल की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि जेपी नड्डा और वह स्वयं बातचीत में मौजूद रहेंगे तथा संवाद के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसी प्रतिष्ठा के सवाल पर नहीं अड़ी है।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों के हित में सरकार लगातार कदम उठा रही है और यह पहल भी उसी क्रम का हिस्सा है। उन्होंने सीजेपी नेतृत्व से आग्रह किया कि वह बातचीत के लिए आगे आए और समाधान तलाशने में सहयोग करे।
उधर सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रदर्शन स्थल से कहा कि संगठन ने केंद्र से जंतर-मंतर पर बातचीत का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। उनके अनुसार सरकार की ओर से जेपी नड्डा के आवास पर आने का सुझाव दिया गया था।
रांका ने वहां मौजूद लोगों से पूछा कि क्या बातचीत के लिए जेपी नड्डा के आवास जाना चाहिए। भीड़ ने इसका विरोध किया, जिसके बाद उन्होंने कहा कि जनता का फैसला स्पष्ट है और संगठन वहां नहीं जाएगा।
इससे पहले सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पुलिस ने एक बार फिर जानकारी दी थी कि जेपी नड्डा बातचीत के इच्छुक हैं और उन्होंने नेताओं को अपने आवास पर आमंत्रित किया है। उन्होंने बताया कि संगठन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
सौरव दास ने कहा कि संगठन किसी के घर या कार्यालय नहीं जाएगा। उनका कहना था कि जंतर-मंतर पर जनसभा चल रही है और यदि मंत्री बातचीत करना चाहते हैं तो उन्हें वहीं आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सुरक्षा को लेकर कोई चिंता है तो जंतर-मंतर के निकट किसी तटस्थ स्थान पर बैठक की जा सकती है और इस संबंध में अब भी सरकार के जवाब का इंतजार है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार संगठन की मांगों पर विचार करने के लिए तैयार नहीं है तो केवल औपचारिक बातचीत का कोई अर्थ नहीं है। दास ने कहा कि हजारों लोग अब भी आंदोलन में शामिल हैं और संगठन को उसके प्रबंधन की जिम्मेदारी भी निभानी है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि वह वास्तव में बातचीत करना चाहती है या नहीं।











