Naidunia Live
• टॉप न्यूज़ • मध्य प्रदेश • विज्ञान व प्रौद्योगिकी • अपराध • शिक्षा • संपादकीय • धर्म / अध्यात्म • वीडियो स्टोरी • मौसम • त्योहार • प्रेरक कहानियाँ
• वीडियो • न्यूज़ आर्काइव

संपादकीय
28 Jul, 2026

ई-चालान काटो और भूल जाओ: लापरवाही खत्म, अब 60 दिन में नहीं भरा तो गाड़ी और लाइसेंस पर पड़ेगी सीधी चोट

परिवहन विभाग की प्रस्तावित नीति के तहत 60 दिन के भीतर ई-चालान का भुगतान अनिवार्य करने और भुगतान नहीं होने पर वाहन दस्तावेज, परमिट, फिटनेस तथा गंभीर मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस पर कार्रवाई का प्रावधान किया जा रहा है।

नई दिल्ली, 28 जुलाई।

सड़कों पर नियम तोड़ना अब पहले जैसा आसान नहीं रहेगा, क्योंकि सरकार ने ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती का ऐलान कर दिया है। सालों से चली आ रही 'ई-चालान काटो और भूल जाओ' की व्यवस्था पर अब विराम लगने वाला है। परिवहन विभाग ने नई नीति बनाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके तहत ई-चालान जारी होने के 60 दिन के अंदर जुर्माना जमा करना अनिवार्य होगा। अगर तय समय में भुगतान नहीं हुआ तो वाहन मालिक और चालक, दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गाड़ी के दस्तावेजों पर रोक, परमिट और फिटनेस रद्द करने से लेकर गंभीर मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस तक निलंबित किया जा सकता है।

पिछले कुछ सालों में ई-चालान की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन उसका असर सड़कों पर दिखाई नहीं दिया। 2023 में प्रदेश में करीब 90 हजार ई-चालान जारी हुए थे। 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 13 लाख के पार पहुंच गया और 2025 में 18 लाख से ज्यादा ई-चालान काटे जा चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या के बावजूद बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन बेखौफ घूम रहे हैं। एक ही गाड़ी दिन में कई बार सिग्नल तोड़ती है। कई बार बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के लोग निकल जाते हैं। कई बार ओवरलोडिंग और खतरनाक ड्राइविंग की शिकायतें आती हैं, लेकिन विभाग की तरफ से सिर्फ चालान काटकर मामला खत्म कर दिया जाता था। चालान की राशि की वसूली को लेकर कोई ठोस निगरानी नहीं थी और न ही बार-बार उल्लंघन करने वालों की पहचान कर कोई विशेष कार्रवाई होती थी। नतीजा यह हुआ कि लोगों के मन में यह धारणा बन गई कि चालान कट गया तो कट गया, भरना है तो भर देंगे, नहीं भरना है तो कोई बात नहीं।

इस लापरवाही का सबसे बड़ा कारण फॉलोअप सिस्टम का न होना था। ई-चालान बनते ही सिस्टम में दर्ज हो जाता था, लेकिन उसके बाद 60 दिन, 90 दिन या एक साल तक कोई पूछने वाला नहीं था। वाहन बेच देने के बाद भी चालान पुराने मालिक के नाम पर पड़े रहते थे और नए मालिक को पता तक नहीं चलता था। आरटीओ में गाड़ी का नामांतरण हो जाता था, लेकिन बकाया चालान का कोई हिसाब नहीं रखा जाता था। इसी वजह से विशेषज्ञ लगातार कह रहे थे कि चालान काटना तब तक प्रभावी नहीं है, जब तक उसके बाद की कार्रवाई सुनिश्चित न हो। परिवहन विभाग ने इस खामी को दूर करने का फैसला लिया है। नई प्रस्तावित नीति का मकसद सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि उन लोगों की पहचान करना है जो आदतन नियम तोड़ते हैं और उनके खिलाफ नजीर बनने वाली कार्रवाई करना है। विभाग के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था में 60 दिन की समय-सीमा तय होगी। ई-चालान जारी होते ही वाहन मालिक के मोबाइल पर एसएमएस जाएगा और ऑनलाइन पोर्टल पर भी जानकारी अपडेट होगी। 60 दिन पूरे होने से पहले रिमाइंडर भी भेजे जाएंगे, ताकि लोग समय पर भुगतान कर सकें।

अगर 60 दिन बीतने के बाद भी चालान बकाया रहा तो फिर कार्रवाई का दूसरा चरण शुरू होगा। पहले चरण में नोटिस जारी किया जाएगा। अगर उसके बाद भी भुगतान नहीं हुआ तो वाहन के दस्तावेजों पर रोक लगा दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि जब तक बकाया चालान नहीं भरेंगे, तब तक गाड़ी का बीमा नहीं होगा, फिटनेस नहीं होगी और न ही नामांतरण हो पाएगा। वाणिज्यिक वाहनों के मामले में परमिट भी रोका जा सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि बार-बार नियम तोड़ने और गंभीर उल्लंघन करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने का प्रावधान भी रखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम देर से ही सही, लेकिन बहुत जरूरी था। जब तक चालान और भुगतान के बीच कोई कड़ी नहीं होगी, तब तक लोग नियमों को गंभीरता से नहीं लेंगे। 60 दिन की समय-सीमा एक संतुलित अवधि है। न बहुत कम है और न बहुत ज्यादा। इस दौरान व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार भुगतान कर सकता है और विभाग को भी वसूली का मौका मिलता है। साथ ही यह भी जरूरी है कि बार-बार उल्लंघन करने वालों को जोखिम श्रेणी में डाला जाए, ताकि उनकी हरकतों पर विशेष नजर रखी जा सके।

तकनीक के स्तर पर भी सुधार की जरूरत है। अभी ई-चालान की जानकारी आरटीओ के पोर्टल, पुलिस के सर्वर और बीमा कंपनियों के बीच पूरी तरह साझा नहीं होती। नई नीति में यह प्रावधान किया जाएगा कि वाहन चालक और चालान का डेटा एकीकृत हो, ताकि एक क्लिक में पता चल सके कि किस गाड़ी पर कितने बकाया चालान हैं, किस चालक ने कितनी बार नियम तोड़े हैं और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है। जब यह डेटा आपस में जुड़ेगा तो पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होगी।

सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण ट्रैफिक नियमों की अनदेखी है। लोग बिना हेलमेट के निकलते हैं, तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं, शराब पीकर ड्राइव करते हैं और सिग्नल तोड़ते हैं। जब तक डर नहीं होगा, तब तक सुधार नहीं आएगा। ई-चालान की सख्त वसूली और 60 दिन की समय-सीमा से लोगों के मन में यह डर पैदा होगा कि नियम तोड़ने का मतलब सिर्फ कागज का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि सीधे जेब और लाइसेंस पर असर पड़ेगा।

आम नागरिकों के लिए भी यह व्यवस्था राहत लेकर आएगी। जो लोग समय पर चालान भर देते हैं, उन्हें बार-बार नोटिस नहीं आएंगे और जिनकी गाड़ी बिना जानकारी के चालान में फंस जाती है, उन्हें भी ऑनलाइन भुगतान की सुविधा मिलेगी। साथ ही बार-बार नियम तोड़ने वालों पर लगाम लगने से सड़कें सुरक्षित होंगी और आम लोगों को चलने में सहूलियत होगी।

लेकिन इस नीति की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि इसे जमीनी स्तर पर कितनी ईमानदारी से लागू किया जाता है। अगर सिर्फ घोषणा हो गई और फॉलोअप नहीं हुआ तो फिर वही ढाक के तीन पात वाली स्थिति बन जाएगी। इसलिए विभाग को एक निगरानी तंत्र बनाना होगा, जो हर महीने रिपोर्ट दे कि कितने चालान जारी हुए, कितने भरे गए और कितनों पर कार्रवाई हुई। साथ ही जनता को भी जागरूक करना होगा कि चालान भरना कोई दंड नहीं है, बल्कि अपने और दूसरों के जीवन की सुरक्षा का हिस्सा है।

ट्रैफिक नियम कानून की किताब के लिए नहीं बने हैं, वे हमारी सुरक्षा के लिए बने हैं। जब तक हम उन्हें मजाक में लेंगे, तब तक सड़कों पर हादसे होते रहेंगे। नई नीति से यह उम्मीद है कि 'ई-चालान काटो और भूल जाओ' का दौर खत्म होगा और उसकी जगह 'ई-चालान काटो और समय पर भरो' की संस्कृति आएगी, क्योंकि सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति किसी का अपना है और उसकी जान की कीमत किसी चालान से कहीं ज्यादा है।

|
आज का राशिफल

अपने काम को प्राथमिकता से करें। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। लाभ होगा और पुराने मित्रों से समागम भी होगा। संतान पक्ष की समस्या समाप्त होगी। स्वभाव में सौम्यता आपकी मदद करेगी। जीवन साथी से संबंधों में मिठास बढ़ेगी। परामर्श व परिस्थिति सभी का सहयोग मिलेगा। शुभांक-3-5-7

आज का मौसम

भोपाल

24° / 28°

Light rain

ट्रेंडिंग न्यूज़