बेंगलुरु, 28 जुलाई।
कर्नाटक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान की मियाद बढ़ाने की गुहार लगाने वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। प्रख्यात हस्तियों द्वारा दायर इस पीआईएल पर सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर समयसीमा बढ़ाई जा सकती है और प्रारूप सूची जारी होने के बाद भी नाम जुड़वाए जा सकेंगे।
अदालत को राज्य सरकार की तरफ से यह भी बताया गया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए आयोग से उचित आग्रह किया गया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने यह कहते हुए मामले का निपटारा कर दिया कि यह विषय पहले से ही सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है।

















