तेहरान, 30 जुलाई।
ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों के बाद कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए तत्काल बदला लेने का संकल्प जताया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि हमलावर को जवाब दिया जाएगा।
ईरान ने बताया कि रातभर चले अमेरिकी हमलों में बुशहर प्रांत के तीन शहर प्रभावित हुए हैं। हालांकि, प्रांत में स्थित देश का एकमात्र न्यूक्लियर पावर प्लांट सुरक्षित बताया गया है।
अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने ईरान पर किए गए हवाई हमलों की पुष्टि की है। कमान ने कहा कि मध्य पूर्व में 50 हजार से अधिक अमेरिकी सैनिक किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
अमेरिकी सेना के अनुसार, यह कार्रवाई जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए मिसाइल हमले के जवाब में की गई। हमलों में आईआरजीसी के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल-ड्रोन सुविधाएं और तटीय निगरानी केंद्र शामिल हैं।
सेंटकॉम ने दावा किया कि ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया गया। अमेरिकी कमान ने कहा कि क्षेत्र में तैनात सैनिक हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।
ईरान के केशम द्वीप के अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार तड़के अमेरिकी हमले में कई धमाके हुए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इलाके में क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया।
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य कमांड सेंटर और एयर बेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया था। संगठन ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण है और किसी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ईरानी सरकारी प्रसारक के अनुसार, अमेरिकी हमलों से बुशहर, जाम और खोरमोज शहरों के आसपास के क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। आईआरजीसी ने कहा कि हमलावर को जल्द दंडित किया जाएगा।
इस बीच, कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उत्तरी हिस्से में एक इमारत पर हुए ईरानी हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई। मंत्रालय ने कहा कि देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए सेना तैयार है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। महासचिव ने दोनों देशों से तत्काल संघर्ष रोकने और बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की अपील की है।
















