सतना, 04 अगस्त।
सतना जिले के जसो थाना क्षेत्र स्थित अमकुई गांव में तीन दिन से लापता युवक का शव मंगलवार सुबह एक स्कूल के पीछे झाड़ियों में बोरी में लिपटा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पथराव किया और कई वाहनों में तोड़फोड़ कर दी।
हंगामे के दौरान पुलिस हिरासत में रखा गया एक संदेही युवक पुलिस वाहन से भाग निकला। हालांकि पुलिस ने तत्काल उसका पीछा किया और कुछ दूरी पर खेत की मेड़ से उसे दोबारा पकड़ लिया। हालात को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल और वज्र वाहन तैनात किए गए। करीब साढ़े चार घंटे तक चले विरोध के बाद परिजन पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हुए, जिसके बाद शव को नागौद सिविल अस्पताल भेजा गया।
मृतक की पहचान अमकुई निवासी अतुल कुशवाहा (20) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार वह 1 अगस्त की रात घर से निकला था, जिसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और वह वापस नहीं लौटा। परिजनों का आरोप है कि उसी दिन गुमशुदगी की सूचना देने के बावजूद पुलिस ने समय पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उनका कहना है कि यदि तत्काल कार्रवाई होती तो युवक को बचाया जा सकता था।
पुलिस ने उस युवक को हिरासत में लिया है, जिस पर अतुल को घर से बुलाने का आरोप है। शुरुआती पूछताछ में एक युवती से बातचीत को लेकर पुराने विवाद की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार घटना वाली रात मृतक, संदेही और उसके कुछ साथी एक साथ मौजूद थे तथा शराब भी पी थी। अब पुलिस उस रात के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि अतुल की जसो में मोबाइल की दुकान थी और उसने 1 अगस्त को इंडियन बैंक से तीन लाख रुपये निकाले थे। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि घटना का इन पैसों से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा। पुलिस ने हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच शुरू कर दी है।
















