रोम, 04 अगस्त।
इजराइल और लेबनान के बीच सीमा क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक और प्रयास शुरू हुआ है। इटली की राजधानी रोम में मंगलवार को दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच प्रत्यक्ष वार्ता का सातवां दौर आयोजित हुआ। हालांकि, हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण के मुद्दे पर अब भी दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है।
वार्ता के बीच हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने बातचीत का विरोध करते हुए कहा कि इससे लेबनान को केवल "अपमान, निराशा और लगातार समझौते" ही मिलेंगे। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि संगठन अपने हथियार छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।
हिजबुल्लाह के इस रुख पर लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश को सबसे अधिक नुकसान उन एकतरफा फैसलों से हुआ, जिन्होंने लेबनान को ऐसे युद्धों में धकेला जिनका कोई लाभ नहीं मिला और इजराइल को सैन्य कार्रवाई का अवसर मिला।
गौरतलब है कि जून में हुई पिछली वार्ता में दोनों पक्षों ने एक रूपरेखा समझौते पर सहमति जताई थी। प्रस्ताव में हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण, दक्षिणी लेबनान से इजराइली सेना की वापसी और वहां लेबनानी सेना की तैनाती शामिल थी। हालांकि हिजबुल्लाह ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिससे शांति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
रोम में जारी ताजा वार्ता को क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन हिजबुल्लाह के हथियारों के मुद्दे पर सहमति बनना अब भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
















