कोलकाता, 4 अगस्त।
बीरभूम के चर्चित पत्थर कारोबारी से जुड़े मामले में पुलिसिया शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक इस प्रकरण में अब तक करोड़ों रुपए मूल्य की संपत्ति और नकदी को फ्रीज किया जा चुका है।
हाल ही में मुख्य आरोपी के व्यवसाय से जुड़े एक प्रबंधक को गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है ताकि गहन पूछताछ की जा सके।
सरकारी पक्ष के अनुसार रिमांड के दौरान पूछताछ में एक खास डायरी हाथ लगी है जिसमें कई प्रशासनिक अधिकारियों के नाम दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त फर्जी रसीदें तैयार करने वाली मशीन भी बरामद हुई है जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए होता था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे अवैध नेटवर्क को चलाने में कुछ प्रशासनिक लोगों की संलिप्तता हो सकती है। बरामद दस्तावेजों के आधार पर अब इन तमाम संदिग्ध रिश्तों की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
मुख्य आरोपी विदेश में बैठकर भी अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था ऐसा पुलिस का कहना है। भूमि विभाग द्वारा पकड़े गए फर्जी दस्तावेजों के मामले में भी अब मुख्य आरोपी पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी चल रही है।
राजस्व को पहुंचे भारी नुकसान के बाद सरकार ने भी इस पूरे प्रकरण पर कड़ी नजर रखी है। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आगे की तकनीकी और कागजी जांच के बाद कई और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।
















