भोपाल, 04 अगस्त।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें किसान कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, खेल अधोसंरचना, डिजिटल गवर्नेंस और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग की कवच योजना को मंजूरी दी। यह योजना सहकारी समितियों से जुड़े ऐसे 5 हजार से अधिक किसानों के लिए है, जिनके ऋण खातों में गड़बड़ियों और जांच में विलंब के कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे। योजना के तहत इन किसानों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए नया ऋण उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा। इसके लिए अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक 50 करोड़ रुपये का कोष तैयार करेंगे, वहीं राज्य सरकार 25 करोड़ रुपये की अंशपूंजी उपलब्ध कराएगी।
बैठक में वर्ष 2026-31 की अवधि के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए जिला एवं सिविल अस्पतालों और औषधालयों के संचालन के लिए 12,517.99 करोड़ रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 11,812.02 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के लिए 2,448.79 करोड़ रुपये तथा मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण के लिए 1,704.81 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से 2,460.57 करोड़ रुपये की खेल अधोसंरचना योजना को मंजूरी मिली। इसके तहत स्टेडियम, खेल प्रशिक्षण केंद्रों का निर्माण और उपलब्ध खेल सुविधाओं का उन्नयन किया जाएगा, साथ ही खिलाड़ियों के लिए आवश्यक स्थायी खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
ई-गवर्नेंस को सशक्त बनाने के लिए स्टेट डाटा सेंटर के उन्नयन, संचालन और संधारण हेतु 1,099.58 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। यह केंद्र विभिन्न विभागों की वेबसाइट, पोर्टल, ई-मेल सेवाओं और क्लाउड होस्टिंग के लिए सुरक्षित एवं साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है, जिससे नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएं निर्बाध रूप से मिल सकें।
मंत्रि-परिषद ने जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद से चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।















