भोपाल, 04 अगस्त।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में हर घर तिरंगा अभियान का आयोजन 9 से 17 अगस्त तक जनभागीदारी के साथ किया जाएगा। इस वर्ष राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। सैन्य बलों के जवानों और पुलिसकर्मियों के सम्मान में पत्र लेखन जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही स्थानीय स्व-सहायता समूहों और उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से खादी तथा पॉलिएस्टर से बने राष्ट्रीय ध्वज उपलब्ध कराए जाएंगे।
मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में तिरंगा थीम पर प्रदर्शनी, रंगोली, बुनाई, मेले, कंसर्ट, ई-बाइक और साइकिल रैली, तिरंगा यात्रा, तिरंगा ध्वज बिक्री, तिरंगा एंथम, प्रश्नोत्तरी तथा स्वयंसेवी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने नागरिकों से तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करने और सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जन विश्वास अभियान-2026 की शुरुआत 7 अगस्त से होगी। अभियान का शुभारंभ छिंदवाड़ा जिले से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर सेवा वितरण और सुशासन इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। मंत्रियों को जिलों का भ्रमण कर जनता से संवाद बढ़ाने और फील्ड स्तर पर कार्यों की निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित महर्षि सांदीपनि गुरु पर्व के दौरान एआई आधारित मिशन बुनियाद की शुरुआत की गई है, जिसे प्रदेश के आठ जिलों के 500 शासकीय विद्यालयों में लागू किया जाएगा। इसके साथ 60 नए सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जाएगी। सरकार इन विद्यालयों के निर्माण पर लगभग 25 हजार 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती पूरी हो चुकी है। लगातार तीन वर्षों तक शत-प्रतिशत बोर्ड परीक्षा परिणाम देने वाले प्राचार्यों को एक लाख रुपये की सम्मान राशि और विद्यालय विकास के लिए पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय भी लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार के बीच समझौता हुआ है। लगभग 350 एकड़ में बनने वाले इस औद्योगिक क्लस्टर में मोबाइल उपकरण, नेटवर्क उपकरण, ऑप्टिकल फाइबर, सेमीकंडक्टर तथा 5जी और 6जी अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियां संचालित होंगी। पहले चरण के लिए केंद्र सरकार ने 493 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की है, जबकि राज्य सरकार 170 एकड़ भूमि उपलब्ध करा रही है। इस परियोजना से 12 से 15 हजार करोड़ रुपये के निवेश और लगभग पांच हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि भोपाल के निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर मालवा एक्सप्रेस और वेरावल एक्सप्रेस का ठहराव होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रेलवे से जुड़े कई नए विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और इससे यात्रियों को समय की बचत के साथ बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
















