भोपाल, 04 अगस्त।
मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (एमपी-यूडीसी) में सरकारी परियोजनाओं से जुड़ा करोड़ों रुपये का कथित जाली बैंक गारंटी मामला सामने आया है। आरोप है कि गुजरात के सूरत स्थित एक कंपनी ने 6.57 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जमा कर सरकारी ठेके हासिल किए। दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के दौरान मामला उजागर होने पर भोपाल के एमपी नगर थाना में कंपनी के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार एमपी-यूडीसी के वित्त नियंत्रक सौरभ तिवारी की शिकायत पर कार्रवाई की गई। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2024 में जल प्रदाय और सीवरेज परियोजनाओं से जुड़े एडीबी फेज-1, एडीबी फेज-2 तथा विशेष निधि के अंतर्गत मंडलेश्वर परियोजना के ठेके एम/एस इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (ज्वाइंट वेंचर विद साउथ गुजरात कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड) को दिए गए थे।
अनुबंध की शर्तों के अनुसार कंपनी ने निष्पादन और सुरक्षा प्रतिभूति के रूप में कुल आठ बैंक गारंटी जमा कराई थीं, जिनकी कुल राशि लगभग 6.57 करोड़ रुपये थी। इनमें बैंक ऑफ इंडिया की साकीनाका शाखा और आईसीआईसीआई बैंक की ठाणे शाखा के नाम से जारी बैंक गारंटी शामिल थीं।
प्रारंभिक स्तर पर गारंटी में दर्ज ई-मेल पतों के माध्यम से सत्यापन कराया गया, जहां से दस्तावेज सही होने की पुष्टि मिली। इसके आधार पर अनुबंध प्रभावी हुए और कंपनी ने परियोजनाओं का कार्य पूरा कर लिया। बाद में एमपी-यूडीसी ने मूल दस्तावेज संबंधित बैंक शाखाओं को रजिस्टर्ड डाक से भेजकर भौतिक सत्यापन कराया। जांच में बैंक ऑफ इंडिया ने अपने नाम से प्रस्तुत पांचों गारंटी को फर्जी बताया, वहीं आईसीआईसीआई बैंक ने भी तीनों बैंक गारंटी जारी करने से इनकार कर दिया।
जांच के दौरान पुलिस ने कंपनी के संचालकों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उपलब्ध मोबाइल नंबर बंद मिले। अब पुलिस कंपनी के जिम्मेदार पदाधिकारियों और इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच के आधार पर एमपी नगर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
















