नई दिल्ली, 04 अगस्त।
केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 के मसौदे पर विभिन्न हितधारकों और आम नागरिकों से 108 सुझाव और टिप्पणियां प्राप्त हुई हैं। सरकार ने कहा कि सभी सुझावों और उठाई गई चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा आगे की प्रक्रिया व्यापक संवाद, परामर्श और सहमति के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभाणिया ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित संशोधन के तहत अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थी परिवारों को वर्तमान व्यवस्था के स्थान पर प्रति व्यक्ति सात किलोग्राम खाद्यान्न देने का प्रस्ताव है। हालांकि प्रति परिवार अधिकतम 35 किलोग्राम खाद्यान्न की सीमा यथावत रहेगी।
राज्य मंत्री ने बताया कि देश में वर्तमान समय में 26,81,565 अंत्योदय अन्न योजना परिवार ऐसे हैं, जिनमें पांच से अधिक सदस्य हैं। प्रस्तावित संशोधन लागू होने पर इन परिवारों को प्रति व्यक्ति सात किलोग्राम से कम खाद्यान्न मिलेगा, क्योंकि प्रति परिवार 35 किलोग्राम की अधिकतम सीमा लागू रहेगी।
सरकार ने कहा कि संशोधन का मसौदा तैयार करने से पहले एएवाई परिवारों के आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण किया गया था। अध्ययन में पाया गया कि परिवार के आकार में अंतर होने के कारण प्रति व्यक्ति खाद्यान्न वितरण में काफी असमानता है। सात से अधिक सदस्यों वाले बड़े परिवारों को प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम से भी कम खाद्यान्न मिलता है, जबकि एक या दो सदस्य वाले छोटे परिवारों को प्रति व्यक्ति अपेक्षाकृत अधिक खाद्यान्न प्राप्त होता है।
सरकार का कहना है कि खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में मौजूद इस असमानता को दूर कर इसे अधिक न्यायसंगत और संतुलित बनाने के उद्देश्य से संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्राप्त सभी सुझावों और टिप्पणियों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
















