नई दिल्ली, 04 अगस्त।
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि 5 अगस्त को दक्षिण एशिया के विदेशी संवाददाताओं के क्लब की ओर से आयोजित होने वाले शेख हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम से भारत सरकार का कोई संबंध नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि इस आयोजन और उसमें व्यक्त किए जाने वाले विचारों से सरकार का कोई सरोकार नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था की ओर से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार का इस आयोजन में कोई हस्तक्षेप नहीं है और न ही मंच से व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का सरकार समर्थन करती है।
उल्लेखनीय है कि अगस्त 2024 में हुए आंदोलनों के बाद सत्ता से हटने के पश्चात शेख हसीना भारत में रह रही हैं। विद्रोह की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर वह बुधवार को वर्चुअल माध्यम से संबोधन करने वाली हैं।
बताया गया है कि पिछले दो वर्षों में यह पहला अवसर होगा, जब शेख हसीना सार्वजनिक रूप से सामने आएंगी। उन्होंने दिसंबर 2026 तक बांग्लादेश लौटने की अपनी योजना भी घोषित की है।
इधर, बांग्लादेश ने अपने देश के मीडिया संस्थानों को चेतावनी दी है कि निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बयानों का सार्वजनिक प्रसारण या प्रकाशन न किया जाए।
















