हैदराबाद, 04 अगस्त।
ब्रिक्स भ्रष्टाचार विरोधी कार्यसमूह (एसीडब्ल्यूजी) का दो दिवसीय सम्मेलन मंगलवार से हैदराबाद में शुरू हुआ। सम्मेलन के तहत संपत्ति रिकवरी पर ब्रिक्स एक्सपर्ट नेटवर्क की दूसरी बैठक का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की सचिव रचना शाह ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए भगोड़े अपराधियों का पता लगाने, प्रत्यर्पण प्रक्रिया में सहयोग बढ़ाने, चोरी की गई संपत्तियों की वापसी सुनिश्चित करने तथा अपराधियों और अवैध धन की सीमा पार आवाजाही से जुड़े सभी रास्तों को बंद करने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार सतत और समावेशी विकास के सामने एक बड़ी चुनौती है। उनका कहना था कि कोई भी देश इस समस्या से अछूता नहीं है और न ही कोई अकेले इसका प्रभावी समाधान कर सकता है। उन्होंने अवैध वित्तीय प्रवाह रोकने, सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वैश्विक भ्रष्टाचार विरोधी ढांचे को मजबूत करने के लिए सामूहिक, समन्वित और निरंतर सहयोग का आह्वान किया।
दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान भ्रष्टाचार के मामलों में वांछित भगोड़े अपराधियों की पहचान, प्रत्यर्पण में अनौपचारिक सहयोग, ब्रिक्स लॉ एनफोर्समेंट नेटवर्क, ब्रिक्स रिपॉजिटरी तथा संपत्ति रिकवरी से जुड़े एक्सपर्ट नेटवर्क की दूसरी बैठक सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी।
यह सम्मेलन जून में आयोजित ब्रिक्स भ्रष्टाचार विरोधी कार्यसमूह की पहली वर्चुअल बैठक के बाद आयोजित किया जा रहा है।
















