जम्मू, 05 अगस्त।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की जम्मू-कश्मीर इकाई और राष्ट्रीय हिंदू कल्याण संगठन ने मंगलवार को महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा स्थल पर प्रदर्शन करते हुए "जम्मू धर्मयुद्ध" अभियान की शुरुआत की। इस दौरान जम्मू को अलग पूर्ण राज्य का दर्जा देने और अनुच्छेद 371 के तहत विशेष संवैधानिक संरक्षण उपलब्ध कराने की मांग दोहराई गई।
प्रदर्शन के दौरान मनीष साहनी ने कहा कि 5 अगस्त 2019 के राजनीतिक घटनाक्रम के समय जम्मू क्षेत्र के लोगों से क्षेत्रीय असमानता समाप्त करने, संतुलित विकास सुनिश्चित करने और सम्मान बहाल करने का आश्वासन दिया गया था। उनके अनुसार सात वर्ष बीत जाने के बाद भी जम्मू राजनीतिक, प्रशासनिक और आर्थिक स्तर पर उपेक्षा का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि जम्मू-कश्मीर सीधे केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भी जम्मू के साथ अन्याय और उपेक्षा जारी है तो इसकी जवाबदेही केंद्र सरकार और जम्मू के नाम पर जनादेश प्राप्त करने वाली भाजपा पर तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू के साथ हुए व्यवहार की तुलना उन्होंने पांडवों के साथ हुए छल से की।
मनीष साहनी ने आरोप लगाया कि जम्मू के जनसांख्यिकीय संतुलन को प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके अनुसार अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की बढ़ती मौजूदगी, स्थानीय संसाधनों पर बढ़ते दबाव तथा बाहरी कंपनियों और ठेकेदारों का बढ़ता प्रभाव क्षेत्र के मूल निवासियों के सामाजिक और आर्थिक हितों के लिए चुनौती बन रहा है।
उन्होंने कहा कि अब जम्मू को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने एक बार फिर जम्मू को अलग पूर्ण राज्य का दर्जा देने तथा अनुच्छेद 371 के तहत भूमि, सरकारी नौकरियों, स्थानीय व्यापार और प्राकृतिक संसाधनों पर मूल निवासियों के अधिकारों को संवैधानिक संरक्षण प्रदान करने की मांग दोहराई।
उन्होंने युवाओं और छात्रों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि इतिहास में बड़े बदलावों का नेतृत्व हमेशा युवाओं ने किया है। उनके अनुसार अब समय केवल दर्शक बने रहने का नहीं, बल्कि जम्मू के सम्मान और अधिकारों के लिए आगे आकर नेतृत्व करने का है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय हिंदू कल्याण संगठन के सनी प्रधान अपने कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे और प्रदर्शन में भाग लिया।














