कानपुर, 05 अगस्त।
कुक्कुट विकास नीति के तहत किए जा रहे प्रयासों का असर कानपुर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कानपुर नगर में वर्तमान समय में 14 पंजीकृत पोल्ट्री फार्म व्यावसायिक स्तर पर संचालित हो रहे हैं। इन इकाइयों से प्रतिदिन लगभग 50 हजार से 60 हजार अंडों का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय बाजार की मांग पूरी करने में मदद मिल रही है।
जिले के चौबेपुर, बिल्हौर, बिठूर, कल्याणपुर और पतारा विकास खंडों में स्थापित आधुनिक पोल्ट्री फार्म अंडों की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ने से अन्य जिलों और राज्यों पर निर्भरता कम हुई है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को ताजे अंडे उचित कीमत पर उपलब्ध हो रहे हैं। इन फार्मों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए हैं।
सरकारी प्रोत्साहन, आसान ऋण सुविधा और आधुनिक तकनीकी मार्गदर्शन के चलते नए उद्यमी भी पोल्ट्री क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। कालोरा एग्रो फार्म, आर.आर. एग्रो, डी.जी.एन.एस., टी.डी. एग्रो और राज पोल्ट्री फार्म जैसी पंजीकृत इकाइयां अत्याधुनिक तकनीक के जरिए लगातार अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रही हैं। इससे पोल्ट्री कारोबार से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि होने के साथ जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिली है।
मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि सरकार की कुक्कुट विकास नीति का उद्देश्य पोल्ट्री उद्योग को प्रोत्साहित कर किसानों और युवाओं की आय बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि कानपुर में 14 पंजीकृत पोल्ट्री फार्म संचालित हैं। पशुपालन विभाग की ओर से इन इकाइयों को नियमित टीकाकरण, तकनीकी सहायता और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य जिले के पोल्ट्री नेटवर्क को और अधिक मजबूत तथा पारदर्शी बनाकर कानपुर को उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश का एक मॉडल बनाना है।














