बागपत, 05 अगस्त।
कांवड़ यात्रा के दौरान बागपत में एक ऐसे कांवड़िया की कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसकी वर्षों पुरानी मन्नत लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। हरियाणा निवासी रामफल पिछले 23 वर्षों से लगातार कांवड़ ला रहे हैं, लेकिन उनकी प्रार्थना अन्य श्रद्धालुओं से अलग है। वह भगवान भोलेनाथ से विवाह न होने का आशीर्वाद मांगते हैं।
बुधवार को हरिद्वार से गंगाजल लेकर भडल मार्ग के रास्ते बागपत पहुंचे रामफल ने यात्रा के दौरान बातचीत में बताया कि समाज में बदलते रिश्तों और विश्वास की कमी को देखते हुए उन्होंने विवाह न करने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि जीवन में ऐसे कई अनुभव सामने आए, जिनमें भरोसे की कमी के कारण परिवार बिखरते देखे। इन्हीं परिस्थितियों ने उन्हें आजीवन ब्रह्मचर्य का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
रामफल ने बताया कि वह बीते 23 वर्षों से हर वर्ष कांवड़ यात्रा कर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। हर बार उनकी एक ही प्रार्थना रहती है कि उनका विवाह न हो। उनका विश्वास है कि भोलेनाथ की कृपा से उनका यह संकल्प आज तक अडिग बना हुआ है और आगे भी बना रहेगा।
उन्होंने कहा कि उनकी यह इच्छा केवल वर्तमान जीवन तक सीमित नहीं है। उनका मानना है कि अगले जन्म में भी वह विवाह के बंधन में नहीं बंधना चाहते और इसी कामना के साथ भगवान शिव से प्रार्थना करते हैं।














