भोपाल, 06 अगस्त।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की जनता के विश्वास को और प्रगाढ़ करने के लिए महत्वाकांक्षी 'जन-विश्वास अभियान' की शुरुआत कल यानी शुक्रवार, सात अगस्त से होने जा रही है। शासन और प्रशासन ने इस अनूठे कार्यक्रम की सफलता के लिए तमाम तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। अब प्रदेश की राजधानी मंत्रालय से लेकर सुदूर जिलों तक के तमाम अधिकारी हर सप्ताह शुक्रवार के दिन अपने वातानुकूलित दफ्तरों से बाहर निकलकर सीधे मैदानी स्तर पर आम जनमानस के बीच मौजूद रहेंगे।
जनसंपर्क महकमे के अधिकारी राजेश बैन ने गुरुवार को जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस वृहद अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता के बीच जाकर उनसे सीधा संवाद कायम करना, उनकी शिकायतों और समस्याओं का शत-प्रतिशत त्वरित निस्तारण करना, जमीनी हकीकत का फीडबैक जुटाना तथा प्रशासनिक तंत्र को और अधिक जवाबदेह व संवेदनशील बनाना है।
इस विशेष अभियान के तहत प्रत्येक सप्ताह के शुक्रवार को पूरे सूबे में किसी भी स्तर पर कोई औपचारिक बैठक आयोजित नहीं की जाएगी, बल्कि यह पूरा दिन सिर्फ मैदानी भ्रमण के लिए आरक्षित रहेगा। भोपाल से लेकर संभाग व जिला मुख्यालयों तक के सभी वरिष्ठ अधिकारी फील्ड में मुस्तैद रहेंगे और इस अभियान में मुख्यमंत्री, तमाम मंत्रीगण तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। जिला कलेक्टर एक हफ्ते पहले ही भ्रमण वाले क्षेत्र का चयन कर इसकी सूचना नेताओं को दे देंगे और मीडिया के जरिए इसका व्यापक प्रचार भी किया जाएगा।
भ्रमण तिथि से एक सप्ताह पूर्व ही संबंधित क्षेत्र की सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई तथा लोक सेवा गारंटी के तमाम लंबित मामलों की गहन समीक्षा कर ली जाएगी और निस्तारण से छूटे हुए प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया जाएगा।
इस वृहद अभियान के दायरे में जिला कलेक्टर अपने अमले के साथ क्षेत्र का दौरा करेंगे, जहां जन-संवाद के साथ-साथ उद्योग संवाद भी आयोजित किए जाएंगे। एमएसएमई और कुटीर उद्योगों से जुड़े उद्यमियों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव शेड्यूल के मुताबिक जिलों में पहुंचेंगे और समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम का संचालन किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में सादगी और मितव्ययिता का विशेष ध्यान रखा जाएगा, फिजूलखर्ची से बचा जाएगा और वाहन पूलिंग का उपयोग किया जाएगा।
सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई के लंबित मामलों, लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों, नामांतरण, सीमांकन व बंटवारे के मामलों का शत-प्रतिशत निराकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही किसानों के लिए फार्मर आईडी, आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी ई-केवाईसी और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ की जमीनी स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।
जल जीवन मिशन के कार्यों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों तथा स्कूलों का औचक निरीक्षण कर शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की गुणवत्ता को परखा जाएगा। खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों जैसे खाद-बीज की उपलब्धता, स्थानीय राशन दुकानों की कार्यप्रणाली, शासकीय परिसंपत्तियों और प्रमुख कार्यालयों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। कानून व्यवस्था की स्थिति और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा, क्योंकि यह अभियान संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी के चार मजबूत स्तंभों पर आधारित है।















