जबलपुर, 06 अगस्त।
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में गुरुवार को मेट्रो बस सेवा पूरी तरह से ठप नजर आई, जिससे आम जनजीवन पर भारी असर पड़ा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मेट्रो बस चालकों और कंडक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है, जिसके कारण सुबह से ही सड़कों पर एक भी बस नहीं दौड़ी और हजारों यात्रियों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि लंबे अरसे से उनकी जायज मांगों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। चालकों और परिचालकों का कहना है कि उनके भविष्य निधि (पीएफ) से जुड़े मामलों में भारी लापरवाही बरती जा रही है। इसके साथ ही टिकट कलेक्शन और तय किए गए लक्ष्य (टारगेट) को लेकर प्रबंधन का रवैया भी उनके प्रति बेहद अनुचित बना हुआ है।
आक्रोशित कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय सामने नहीं आता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी और मेट्रो बसों के संचालन को किसी भी कीमत पर बहाल नहीं किया जाएगा।
इस अचानक हुए चक्काजाम की सबसे भारी मार रोजाना मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ी है। सुबह-सवेरे स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों के लिए निकलने वाले लोगों को दूसरे साधनों की तलाश में खासी मशक्कत करनी पड़ी। मजबूरन यात्रियों को ऑटो और अन्य निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा, जिससे शहर के कई मार्गों पर यातायात का दबाव काफी बढ़ गया। अब हर किसी की निगाहें प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हुई हैं ताकि इस गतिरोध का कोई हल निकल सके।















