वाराणसी, 10 अप्रैल 2026।
वाराणसी में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत चयनित एवं आवंटित बच्चों के प्रवेश को लेकर प्राप्त शिकायतों पर जिला प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान लिया है और संबंधित मामलों की जांच के बाद ही कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने की बात कही है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के सभी गैर सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि धारा 12 (1) (ग) के अंतर्गत चयनित बच्चों के प्रवेश में किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्राप्त शिकायतों में यह सामने आया है कि कुछ विद्यालयों द्वारा बच्चों को प्रवेश देने से इंकार किया जा रहा है, अभिभावकों से अवैध अथवा अनावश्यक शुल्क की मांग की जा रही है तथा प्रवेश प्रक्रिया के दौरान अप्रासंगिक दस्तावेजों की मांग कर अभिभावकों को परेशान किया जा रहा है, जो अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार यदि किसी विद्यालय के विरुद्ध की गई शिकायत जांच में सत्य पाई जाती है, तो संबंधित संस्थानों पर अधिनियम की धारा 13 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा उन्हें शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान भी रोक दिया जाएगा।
इसके साथ ही शासन के आदेशों के अनुसार निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन कर प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमबद्ध बनाना अनिवार्य किया गया है।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि आदेश जारी होने के बाद यदि किसी विद्यालय के खिलाफ प्रवेश न देने की शिकायत दोबारा प्राप्त होती है, तो उसकी मान्यता वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय की होगी।
प्रशासन ने सभी विद्यालयों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि वे निर्धारित नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें ताकि बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर न हो सके।





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