कोलकाता, 07 मई।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपने निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या को पूरी तरह पूर्व नियोजित साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि उनके सहयोगी की बेहद सुनियोजित तरीके से और क्रूरता के साथ हत्या की गई है। शुभेंदु अधिकारी ने यह भी आश्वासन दिया कि मृतक के परिवार और घायल ड्राइवर के इलाज की पूरी जिम्मेदारी उनकी टीम उठाएगी।
उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे राजनीतिक पहलू भी हो सकते हैं, हालांकि इस पर वे अभी विस्तृत टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने इस मामले को लेकर राज्य पुलिस के महानिदेशक से बातचीत की और जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताया। साथ ही कहा कि पुलिस ने उन्हें किसी भी प्रकार के फुटेज या जांच संबंधी जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन उन्हें आश्वासन दिया गया है कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की है कि वे इस घटना के बाद संयम बनाए रखें और कानून को अपने हाथ में न लें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शांति और धैर्य बनाए रखना इस समय सबसे जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि बुधवार रात करीब 11:15 बजे चंद्रनाथ रथ अपनी कार से माध्यमग्राम इलाके से गुजर रहे थे, तभी बाइक सवार कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी को सड़क पर रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार रुकते ही हमलावरों ने बेहद करीब से कई राउंड फायरिंग की, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
इस हमले में चंद्रनाथ रथ को सीने में कई गोलियां लगीं और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेड़ा भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज कोलकाता के एक अस्पताल में चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही शुभेंदु अधिकारी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और सांसद अर्जुन सिंह सहित कई भाजपा नेता अस्पताल पहुंचे। पुलिस महानिदेशक ने भी मौके का निरीक्षण कर जांच की जानकारी ली। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा समर्थकों ने इस हमले के पीछे तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने घटना की निंदा करते हुए न्यायिक निगरानी में केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए और दोषियों को जल्द सजा मिलनी चाहिए।









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