रांची, 08 मई।
झारखंड में ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता राम पुकार राम ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय की विशेष अदालत में पेश होकर आत्मसमर्पण कर दिया। उन पर टेंडर से जुड़े कथित घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने एक लाख रुपये के मुचलके तथा देश से बाहर न जाने की शर्त पर यह राहत मंजूर की।
इस प्रकरण में विशेष अदालत ने कुल 15 आरोपितों को समन जारी किया है, जिनके नाम प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट में दर्ज हैं। सभी पर टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं और धन शोधन से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। इससे पूर्व भी कई आरोपित आत्मसमर्पण कर जमानत प्राप्त कर चुके हैं।
जांच एजेंसी ने इस मामले में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, उनके निजी सचिव संजीव लाल और घरेलू सहायक जहांगीर आलम के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया है।
उल्लेखनीय है कि 6 मई 2024 को की गई छापेमारी में रांची में व्यापक कार्रवाई हुई थी, जिसमें संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम के आवास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई थी। इसके अलावा संजीव लाल के घर और उनके कार्यालय से भी नकदी मिली थी, साथ ही एक डायरी भी जब्त की गई थी जिसमें कथित रूप से लेन-देन का विवरण दर्ज था।






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