शिवसेना संभागीय अध्यक्ष पवन पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कोतमा सहायक उपयंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि मेंटेनेंस के नाम पर बिना पूर्व सूचना बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है, जिससे भीषण गर्मी के दौरान पहले से परेशान लोगों की समस्या और बढ़ गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि सुधार के बावजूद स्थिति में कोई विशेष बदलाव नहीं आया है और हल्की आंधी या बारिश में भी बार-बार बिजली गुल हो रही है, जिससे जमुना, भालूमाड़ा, 11 नंबर और कदम टोला जैसे क्षेत्रों में लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहती है।
शिवसेना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे फॉल्ट के बावजूद पूरे क्षेत्र की बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, व्यापार और अस्पतालों की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और आम जनजीवन पर गंभीर असर पड़ रहा है।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि लाइनों के आसपास पेड़ों की छंटाई नहीं होने और तकनीकी सुधारों की कमी के कारण बार-बार फॉल्ट की स्थिति बन रही है, जिसे विद्युत अधिनियम 2003 का उल्लंघन बताया गया है।
नगर प्रमुख बरकत कुरैशी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो बिजली कार्यालय के बाहर उग्र धरना प्रदर्शन किया जाएगा।













