उमरिया, 06 मई।
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के जोहिला क्षेत्र की नौरोजाबाद कोयला खदान एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में आ गई है। इस बार आरोप है कि कोयले में मिट्टी मिलाकर उसका वजन बढ़ाया जा रहा है, जिससे करोड़ों रुपये के कथित घोटाले की आशंका जताई गई है।
पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष दिलीप पांडे ने इस मामले की शिकायत केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री को भेजते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि खदान में जेसीबी मशीनों की मदद से खुलेआम कोयले में मिट्टी मिलाई जा रही है और बिना गुणवत्ता जांच के इसे रेलवे रैक के जरिए विभिन्न राज्यों में भेजा जा रहा है।
यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो इससे न केवल सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान हो सकता है, बल्कि देश की कोयला आपूर्ति व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह मिलावटी कोयला उद्योगों तक पहुंचकर मशीनों को नुकसान, उत्पादन में गिरावट और आर्थिक हानि जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
दिलीप पांडे ने पत्र में यह आशंका भी जताई है कि यह पूरा मामला किसी एक व्यक्ति का नहीं हो सकता, बल्कि इसमें कई अधिकारियों की मिलीभगत होने की संभावना है। विशेष रूप से साइड इंचार्ज और सेल्स मैनेजर की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं, साथ ही बिलासपुर जोन के अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की मांग की गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो भी इस मामले को और गंभीर बना रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर कोयले में मिट्टी मिलाने की प्रक्रिया दिखाई दे रही है। हालांकि इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अब तक कार्रवाई न होने से प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायत में तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं, पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों का तत्काल निलंबन व कानूनी कार्रवाई, तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए पारदर्शी निगरानी व्यवस्था लागू करना। इस शिकायत की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री और उमरिया कलेक्टर को भी भेजी गई है।
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के जोहिला क्षेत्र के महाप्रबंधक सुरेंद्र सिंह चौहान ने कहा है कि उन्हें इस मामले की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि जानकारी प्राप्त कर जांच कराई जाएगी।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।





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