मथुरा, 25 मई ।
वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने भक्तों के नाम एक भावुक संदेश जारी करते हुए उन्हें चिंता छोड़ भक्ति और नाम जप में मन लगाने की सलाह दी है। स्वास्थ्य कारणों से पदयात्रा स्थगित होने के बीच जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि वे रहें या न रहें, उनका स्नेह और आशीर्वाद हमेशा भक्तों के साथ रहेगा।
केली कुंज आश्रम ट्रस्ट के यूट्यूब चैनल पर साझा किए गए संदेश में महाराज ने कहा कि भक्त किसी प्रकार की चिंता न करें और श्रीजी के ध्यान, नाम जप एवं सेवा में मन लगाएं। उन्होंने बताया कि उनका एकांतवास भक्तों के हित में है और समय आने पर वे स्वयं संवाद करेंगे।
बीते नौ दिनों से खराब स्वास्थ्य के चलते उनकी रात्रिकालीन पदयात्रा स्थगित है। शिष्यों के अनुसार उनकी दोनों किडनियां प्रभावित हैं और सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस की प्रक्रिया चल रही है। इसी वजह से उन्होंने एकांतिक दर्शन और व्यक्तिगत वार्तालाप भी सीमित कर दिया है।
हालांकि कुछ दिन पहले महाराज केली कुंज आश्रम से वराह घाट स्थित अपने गुरु के दर्शन के लिए पहुंचे थे। इससे पहले वे प्रतिदिन तड़के करीब तीन बजे पदयात्रा पर निकलते और लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर सौभरी वन तक पहुंचते थे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए एकत्रित होते थे।
महाराज ने अपने संदेश में कहा कि उनका उद्देश्य भक्तों को भय और चिंता से दूर रखकर भजन, सेवा और आध्यात्मिक साधना में स्थिर करना है।







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