अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने प्रदेश सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी और गेहूं खरीदी व्यवस्था में अव्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के नाम पर केवल औपचारिक आयोजन कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर किसान कई कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2026 को कृषि उत्सव के रूप में मनाने की घोषणा के बावजूद किसानों को समर्थन मूल्य, खरीदी प्रक्रिया और भंडारण व्यवस्था में लगातार समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में गेहूं उत्पादन अधिक होने के बावजूद खरीदी का लक्ष्य अपेक्षाकृत कम रखा गया है, जिससे किसानों में असंतोष और चिंता की स्थिति बनी हुई है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कई खरीदी केंद्रों पर किसानों को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है, जबकि कट्टियों की कमी, सीमित वेयरहाउस क्षमता और धीमी प्रक्रिया के कारण उन्हें बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पर्याप्त व्यवस्था की गई होती तो किसानों को इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता और खरीदी प्रक्रिया अधिक सुचारु रहती।
कुणाल चौधरी ने यह भी कहा कि समर्थन मूल्य और बोनस को लेकर किए गए वादों पर किसानों में असंतोष है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
उन्होंने मांग की कि गेहूं खरीदी की अवधि बढ़ाई जाए, सभी पंजीकृत किसानों की उपज की अनिवार्य खरीदी हो तथा भुगतान और भंडारण व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसानों के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।










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