उज्जैन, 11 अप्रैल 2026।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ-2028 को लेकर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और यातायात प्रबंधन की तैयारियों पर शनिवार को व्यापक विचार-विमर्श किया गया। अनुमान के अनुसार सिंहस्थ में लगभग 10 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिनमें से करीब 80 प्रतिशत यानी लगभग 8 करोड़ श्रद्धालु सड़क मार्ग से आगमन करेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रवेश मार्गों, पार्किंग स्थलों और सेटेलाइट टाउन में यातायात को सुचारु बनाए रखने पर विस्तार से चर्चा हुई।
सिंहस्थ मेला कार्यालय में आयोजित इस बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे, एडीजीपी राकेश गुप्ता, संभागायुक्त एवं मेलाधिकारी आशीष सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मोबिलिटी प्लानिंग, लॉजिस्टिक्स और यातायात प्रबंधन को डेटा आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण से तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए देवास और इंदौर मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा तथा ट्रैफिक सिमुलेशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। वाहनों के विस्तृत डेटा संग्रह, सामान्य एवं पर्वकालीन यातायात का विश्लेषण तथा रेलवे, बस और निजी वाहनों की क्षमता का आकलन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही कनेक्टिंग मार्गों की क्षमता, शाही स्नानों के दौरान भीड़ प्रबंधन और प्रमुख मार्गों का भौतिक निरीक्षण कर सूक्ष्म योजना बनाने पर बल दिया गया। इंदौर-देवास रोड नेटवर्किंग कार्य भी जारी है और दिन-रात के ट्रैफिक बदलाव के अनुसार योजना तैयार की जा रही है।
बैठक में पैदल श्रद्धालुओं के लिए नए घाटों के निर्माण और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग को पूरी तरह डेटा आधारित बनाने पर चर्चा हुई, जिसमें मांग अनुमान, मॉडलिंग और रूटिंग शामिल है। साथ ही रोड सेफ्टी ऑडिट, ब्लैक स्पॉट चिन्हांकन और अगले छह महीनों में दिशा सूचक बोर्ड व वेरिएबल मैसेजिंग साइन लगाने के निर्देश दिए गए।
ई-वाहनों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया, जिससे पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही शहर को जोन में विभाजित कर भीड़ प्रबंधन की योजना पर भी विचार हुआ।













