गुवाहाटी, 09 मई
असम के धुबड़ी, कोकराझार और बंगाईगांव जिलों में शनिवार को अलग-अलग समय पर भूकंप के हल्के से मध्यम झटके महसूस किए गए। राहत की बात यह रही कि किसी भी स्थान से जानमाल के नुकसान या बड़ी अप्रिय घटना की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
भारतीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, सबसे तेज झटका कोकराझार जिले में दोपहर 2 बजकर 40 मिनट पर दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.5 मापी गई। इसका केंद्र जमीन के भीतर 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था, जबकि इसका स्थान 26.214 उत्तरी अक्षांश और 90.103 पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया।
इसके बाद धुबड़ी जिले में दोपहर 3 बजकर 17 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। यहां इसकी तीव्रता 3.6 रही और इसका केंद्र भी जमीन के अंदर 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। इसका स्थान 26.270 उत्तरी अक्षांश और 90.163 पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया।
इसी क्रम में बंगाईगांव जिले में दोपहर 12 बजकर 03 मिनट पर हल्के झटके महसूस हुए, जिनकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.6 दर्ज की गई। इसका केंद्र जमीन के भीतर 5 किलोमीटर की गहराई में था और इसका स्थान 26.488 उत्तरी अक्षांश तथा 90.665 पूर्वी देशांतर पर बताया गया।
भूकंप के झटकों के बाद कुछ समय के लिए लोगों में दहशत का माहौल देखा गया और कई लोग घरों व दफ्तरों से बाहर निकल आए। प्रशासन ने स्थिति पर निगरानी बनाए रखी है।
उल्लेखनीय है कि पूर्वोत्तर भारत लगातार भूकंपीय गतिविधियों की चपेट में रहता है। 8 मई को असम के कार्बी आंगलोंग में 2.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ था, जबकि अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे में 3.6 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे। 7 मई को मेघालय में 3.0, असम में 2.7 और अरुणाचल प्रदेश में 3.6 तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए थे।
विशेषज्ञों के अनुसार पूरा पूर्वोत्तर क्षेत्र अत्यंत भूकंपीय संवेदनशील है। नवंबर 2025 में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा जारी नए भूकंपीय जोन निर्धारण में इस क्षेत्र को उच्चतम जोखिम वाले जोन-VI में शामिल किया गया है, जबकि पहले यह जोन-V में आता था।












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