अशोकनगर, 08 अप्रैल 2026।
अशोकनगर जिले की चंदेरी तहसील में बिना उचित सत्यापन के जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने का गंभीर मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर नियमों की अनदेखी करते हुए प्रमाण पत्र बनाए गए, जिससे न्यायालयों में अनावश्यक विवाद और मामलों की संख्या बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार, चंदेरी निवासी रविकांत सेषा की शिकायत पर चंदेरी थाना पुलिस ने कमल सिंह लोधी, निवासी ग्राम मोहनपुर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 0193/2026 दर्ज किया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण कायम किया गया है।
बताया गया है कि आरोपित ने तहसील कार्यालय में जन्म प्रमाण पत्र के लिए प्रकरण क्रमांक 0376/ड-154(1)/2024-25 तथा मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए प्रकरण क्रमांक 0067/ड-154/2024-25 प्रस्तुत किए थे। वहीं भैयालाल लोधी द्वारा भी कथित रूप से वसीयत तैयार करने के उद्देश्य से मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया। आरोप है कि इन सभी मामलों में एक ही दिन कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए।
इन प्रमाण पत्रों के जरिए जमीन के नामांतरण और पूर्व विक्रय पत्रों को निरस्त कराने का प्रयास किया गया, जो आगे चलकर न्यायालयीन विवाद का कारण बना। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने तहसील प्रशासन से लेकर उच्च अधिकारियों तक शिकायत की, लेकिन पांच महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सूत्रों के अनुसार, इस प्रकार की अनियमितताएं पहली बार नहीं सामने आई हैं। तहसील में लंबे समय से पदस्थ कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है, जिन पर अधिकारियों को गुमराह कर नियम विरुद्ध आदेश तैयार कराने के आरोप लग रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पिछले कुछ वर्षों में जारी प्रमाण पत्रों और नामांतरण प्रकरणों की निष्पक्ष जांच की जाए, तो और भी गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं।
मामले में पुलिस ने एक आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की है, लेकिन प्रमाण पत्र जारी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस पूरे प्रकरण की समय रहते गंभीरता से जांच नहीं हुई, तो ऐसे मामलों में वृद्धि होगी और न्यायालयों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा।













