भोपाल, 15 मई।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर प्रशासनिक व्यवस्था में गिरावट, शिक्षकों के हितों की अनदेखी और युवाओं के रोजगार संकट को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट और प्रभावी नीति प्रस्तुत करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा बड़ी संख्या में शिक्षकों को अपना कर्मचारी नहीं मानने का मामला अत्यंत गंभीर है, जिससे उनकी सेवा सुरक्षा, पेंशन और वरिष्ठता जैसे अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, पेंशन और वरिष्ठता से जुड़े मामलों पर तत्काल स्पष्टता लाई जाए और उनके अधिकारों की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था संभाल रहे शिक्षक आज अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति में हैं, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और लाखों युवाओं का पंजीकरण रोजगार पोर्टल पर होना इसकी गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में पदों को समाप्त कर युवाओं के रोजगार अवसरों को सीमित किया गया है, जबकि सरकार केवल योजनाओं के प्रचार पर ध्यान दे रही है।
जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार को रिक्त पदों को भरने, समाप्त पदों को बहाल करने और युवाओं के लिए ठोस रोजगार नीति तैयार करने की आवश्यकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी शिक्षकों, कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और उनके अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रखेगी।










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