काठमांडू, 25 मई।
बिहार के जोगबनी सीमा से लेकर चीन सीमा से सटे किमाथांका तक उत्तर–दक्षिण कोशी राजमार्ग के अंतर्गत 357 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पूरा हो गया है। इस सड़क के पूरा होने के साथ पहली बार भारत से चीन सीमा के नजदीक स्थित किमाथांका तक सड़क संपर्क स्थापित हो गया है।
सड़क हस्तांतरण के महज तीन दिन बाद सोमवार सुबह खाद्यान्न लेकर तीन ट्रैक्टर किमाथांका पहुंच गए, जिससे क्षेत्र में लंबे समय से चला आ रहा आवागमन का सपना साकार हुआ। इससे स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा गया।
योजना के अनुसार खाँदबारी–किमाथांका के बीच 157 किलोमीटर और खाँदबारी–जोगबनी के बीच 200 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। वर्तमान में खाँदबारी तक 200 किलोमीटर पक्की सड़क पहले से ही चालू है, जबकि खाँदबारी से नुम तक 39 किलोमीटर सड़क को पक्का करने का कार्य तेजी से जारी है।
नुम से ऊपर के क्षेत्र में कच्ची सड़क का निर्माण पहले ही पूरा कर लिया गया है। परियोजना प्रमुख रामबहादुर गुरुङ ने इस पूरी प्रगति की जानकारी दी। वहीं सबसे कठिन माने जाने वाले भोटखोला क्षेत्र में नेपाली सेना ने च्याम्ताङ से घोंगप्पा तक सड़क निर्माण कर उसे परियोजना को सौंप दिया है।
शुरुआत में इस हिस्से के लिए 14 किलोमीटर सड़क का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों और एलाइनमेंट में बदलाव के कारण अंतिम सर्वे में इसकी लंबाई 10.81 किलोमीटर निर्धारित की गई।
सड़क खुलने के बाद किमाथांका में पहली बार ट्रैक्टर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने चालक दल और निर्माण टीम का भव्य स्वागत किया और वर्षों पुराना सपना पूरा होने पर खुशी जताई।
स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि सड़क निर्माण से भोटखोला क्षेत्र में आर्थिक, सामाजिक और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। स्थानीय उत्पादों की बाजार तक पहुंच आसान होगी और दैनिक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुगम बनेगी।
इसके साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी तथा आपातकालीन सेवाओं में सुधार होगा। इस सड़क को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर–दक्षिण मार्ग माना जा रहा है, जो कोशी प्रदेश की आर्थिक प्रगति में दीर्घकालिक भूमिका निभाएगा।







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