पूर्वी सिंहभूम, 29 मई।
पोटका प्रखंड के कोवाली पंचायत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन वितरण में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ी संख्या में राशन कार्डधारकों ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पीडीएस दुकानदार ललिता खंडापात्तर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनका लाइसेंस रद्द करने और पिछले चार माह से लंबित राशन का तत्काल वितरण सुनिश्चित करने की मांग की। इस संबंध में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि कोवाली पंचायत की पीडीएस दुकान से लगभग 640 राशन कार्ड जुड़े हुए हैं, इसके बावजूद बीते चार महीनों से अधिकांश लाभुकों को नियमित रूप से राशन नहीं मिल पा रहा है। उनका आरोप है कि वे कई बार राशन लेने दुकान पर पहुंचे, लेकिन हर बार अलग-अलग बहाने बनाकर उन्हें वापस लौटा दिया गया, जिससे गरीब परिवारों के समक्ष खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो गया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि राशन वितरण में पारदर्शिता नहीं रखी जा रही है और समय पर अनाज उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। प्रदर्शनकारियों के अनुसार पंचायत के कई परिवार पूरी तरह सरकारी राशन पर निर्भर हैं, ऐसे में लगातार चार महीने तक राशन न मिलना अत्यंत गंभीर स्थिति है।
राशन कार्डधारी सोने का मांझी ने कहा कि दुकानदार की लापरवाही और मनमानी से सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें मजबूर होकर उपायुक्त कार्यालय का रुख करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पीडीएस दुकानदार का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और दुकान संचालन किसी जिम्मेदार व्यक्ति को सौंपा जाए, ताकि लाभुकों को समय पर राशन मिल सके। साथ ही पिछले चार माह का बकाया राशन अविलंब उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन में महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही और सभी ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
















