दावणगेरे, 29 मई ।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने युवाओं से मादक पदार्थों जैसी बुरी आदतों से दूर रहने और देश की प्रगति में भागीदार बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी सोच और बुद्धि पर नियंत्रण रखना चाहिए, किसी भी प्रकार के नशे को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए।
कर्नाटक के दावणगेरे स्थित यूबीडीटी इंजीनियरिंग कॉलेज के अमृत महोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि युवा पीढ़ी को ड्रग्स के खिलाफ जागरूक होकर समाज में सकारात्मक संदेश देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार, मित्र और समाज को भी मिलकर नशे के खिलाफ आवाज उठानी होगी।
उपराष्ट्रपति ने यूबीडीटी इंजीनियरिंग कॉलेज की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1951 में स्थापित यह संस्थान कर्नाटक का पहला सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज है और बीते 75 वर्षों में इसने देश को 30 हजार से अधिक इंजीनियर दिए हैं। उन्होंने संस्थान की स्थापना में योगदान देने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसे अभियानों के जरिए नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और युवा इंजीनियरों को इस तकनीकी परिवर्तन का नेतृत्व करना चाहिए।
समारोह में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के क्षेत्र में कर्नाटक अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने भरोसा जताया कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में तकनीकी शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
इस अवसर पर कॉलेज की 75 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया गया। समारोह में विभिन्न जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।











