नई दिल्ली, 29 मई ।
मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन ने एआईएमई अकादमी की शुरुआत की है। शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने इसका उद्घाटन किया। इस दौरान आईआईएमसी की कुलपति प्रज्ञा पालिवाल गौर और गूगल डीपमाइंड इंडिया के वरिष्ठ निदेशक मनीष गुप्ता भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में चंचल कुमार ने कहा कि एआई मीडिया की रफ्तार और रचनात्मकता को नई दिशा दे सकता है, लेकिन तथ्यात्मक सटीकता, मानवीय निर्णय और संपादकीय जिम्मेदारी की अहमियत हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई सहयोगी भूमिका निभा सकता है, लेकिन यह संपादकीय जिम्मेदारी का विकल्प नहीं बन सकता। उन्होंने इसे ‘मेक एआई इन इंडिया’ विजन को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई मीडिया उद्योग के कामकाज में बड़ा बदलाव ला सकता है। ऐसे में एआईएमई अकादमी पत्रकारों और मीडिया पेशेवरों को इस बदलाव के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अकादमी को मीडिया और एंटरटेनमेंट क्षेत्र में एआई आधारित शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
आईआईएमसी की कुलपति प्रज्ञा पालिवाल गौर ने बताया कि दिल्ली, धेनकनाल, जम्मू, आइजोल, अमरावती और कोट्टायम केंद्रों के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में एआई क्षमता विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इस अवसर पर 23 शहरों के 110 से अधिक मीडिया पेशेवरों को 10 सप्ताह का एआई कौशल कार्यक्रम पूरा करने पर प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में 100 से अधिक न्यूजरूम और मीडिया संस्थानों की भागीदारी रही। 10 से अधिक भारतीय भाषाओं में प्रशिक्षण आयोजित किया गया और 170 से ज्यादा एआई आधारित प्रोजेक्ट तैयार किए गए। प्रतिभागियों को जेमिनी, नोटबुक एलएम, एआई स्टूडियो और पिनप्वाइंट जैसे एआई टूल्स के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया।











