गुवाहाटी, 29 मई ।
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य मंगोलिया में आयोजित होने वाले पवित्र प्रदर्शनी कार्यक्रम के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जिसमें भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों अरहंत सारिपुत्र और अरहंत मौद्गल्यायन के पवित्र अवशेष भी साथ ले जाए जाएंगे।
यह आयोजन संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य भारत और मंगोलिया के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत और बौद्ध संबंधों को और अधिक मजबूत करना है।
मध्य प्रदेश के सांची स्थित विहार चैत्य में संरक्षित इन पवित्र अवशेषों को 9 जून तक मंगोलिया में प्रदर्शित किया जाएगा, जहां श्रद्धालु इनके दर्शन कर सकेंगे।
इस आध्यात्मिक यात्रा को भारत और मंगोलिया के बीच गहरे सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह पहल प्रधानमंत्री के विशेष प्रयासों से जुड़ी बताई जा रही है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सहयोग को और प्रगाढ़ करना है।
राज्यपाल आचार्य पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए रवाना होंगे और 3 जून को भारत लौटने की संभावना है।











