काठमांडू, 01 जून।
नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के सीमा विवाद संबंधी बयान को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है और विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए संसद की कार्यवाही बाधित करने की चेतावनी दी है।
विपक्षी दलों की सोमवार को हुई बैठक में कहा गया कि प्रधानमंत्री को अपने बयान को वापस लेते हुए सार्वजनिक रूप से देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। इस मुद्दे पर सभी विपक्षी दलों ने एक साझा रणनीति पर सहमति जताई है।
बैठक के बाद नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेता युवराज दुलाल ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रधानमंत्री माफी नहीं मांगते, तब तक संसद को सुचारु रूप से चलने नहीं दिया जाएगा और सदन का अवरोध जारी रहेगा।
इसी तरह नेपाली कांग्रेस संसदीय दल के मुख्य सचेतक निष्कल राई ने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान को विपक्ष ने राष्ट्रहित के विपरीत माना है और इसे संसद की कार्यवाही से हटाने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सदन में आकर माफी मांगनी चाहिए।
विपक्षी नेताओं ने दोहराया कि प्रधानमंत्री का बयान देश की आधिकारिक सीमा नीति के खिलाफ है, इसलिए सरकार को इस पर तत्काल स्पष्टता देनी चाहिए, अन्यथा संसद में विरोध जारी रहेगा।











