नई दिल्ली, 01 जून ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
राष्ट्रपति मुर्मु ने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि भारत और म्यांमार की साझा बौद्ध विरासत सदियों पुराने संबंधों को विशेष आत्मीयता प्रदान करती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि म्यांमार दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भारत का एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है।
उन्होंने म्यांमार में शांति और सुलह की प्रक्रिया के लिए भारत के निरंतर समर्थन को भी दोहराया। इस अवसर पर द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर जोर दिया गया।
म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग अपनी भारत यात्रा के दौरान शनिवार को बोधगया पहुंचे थे, जहां उन्होंने महाबोधि मंदिर और सुजाता मंदिर के दर्शन किए। उसी दिन शाम को वह नई दिल्ली पहुंच गए थे।
शनिवार को ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उनसे मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की थी, वहीं रविवार को उन्होंने भारत–म्यांमार बिजनेस फोरम की बैठक में भी भाग लिया था।
इसके बाद आज नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति के बीच विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, विकास सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा क्षेत्रीय स्थिति जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।




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