नई दिल्ली, 01 जून ।
प्रवर्तन निदेशालय ने कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़े धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक के सहायक उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत चंडीगढ़ जोनल कार्यालय द्वारा की गई।
मामले की सुनवाई के बाद विशेष पीएमएलए अदालत, पंचकूला ने आरोपी को नौ दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया है, जो 9 जून तक प्रभावी रहेगी। यह पूरा मामला पंचकूला नगर निगम से जुड़े 145 करोड़ रुपये के कथित गबन से संबंधित बताया जा रहा है।
जांच की शुरुआत पंचकूला स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दर्ज एफआईआर से हुई थी, जिसमें नगर निगम के अज्ञात अधिकारियों और बैंक कर्मियों पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। जांच आगे बढ़ने पर बैंक और नगर निगम से जुड़े कई लोगों की भूमिका सामने आई।
ईडी की जांच में यह पाया गया कि नगर निगम के अधिकारियों, बैंक कर्मियों और कुछ निजी व्यक्तियों ने मिलकर एक सुनियोजित तरीके से सरकारी धन की हेराफेरी की। इसमें कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर सहित अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है, जिन्होंने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम के नाम से दो बैंक खाते खुलवाए।
इन खातों से धनराशि को फर्जी अनुमति पत्रों के जरिए अन्य अवैध खातों में स्थानांतरित किया गया और बाद में यह रकम विभिन्न फाइनेंसरों तक पहुंचाई गई। जांच एजेंसी के अनुसार, ये फाइनेंसर आरोपी के निर्देशों पर काम कर रहे थे।
आरोप है कि इन फाइनेंसरों के माध्यम से प्राप्त धनराशि को बाद में आरोपी और उसकी पत्नी तक पहुंचाया गया, साथ ही कुछ राशि रियल एस्टेट कंपनियों और अन्य व्यक्तियों को भी ट्रांसफर की गई।
ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य पहलुओं की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।










